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अगले साल मार्च में होनी थी शादी, छत से गिरकर युवती की मौत से परिवार में मातम

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बघौली क्षेत्र स्थित ग्राम अछरामऊ में एक दर्दनाक हादसे में युवती की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान प्रिया सिंह के रूप में हुई है। गुरुवार रात वह घर की छत पर सो रही थी। देर रात वह संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि प्रिया की शादी अगले वर्ष मार्च में होने वाली थी। शादी की तैयारियां परिवार ने शुरू कर दी थीं और अक्टूबर में गोद भराई की रस्म प्रस्तावित थी। घर में आने वाले मांगलिक कार्यक्रम को लेकर खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात प्रिया सिंह घर की छत पर सोने गई थी। परिवार के अन्य सदस्य भी अपने-अपने स्थान पर सो रहे थे। देर रात किसी समय प्रिया छत से नीचे गिर गई। परिवार को तत्काल घटना का पता नहीं चल सका।
कुछ समय बाद प्रिया के भाई हिमांशू ने उसे छत पर नहीं पाया। उसने आसपास देखा, लेकिन प्रिया नजर नहीं आई। इसके बाद उसने परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी और सभी ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
सड़क पर घायल हालत में मिली प्रिया
खोजबीन के दौरान प्रिया मकान के पास सड़क पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी मिली। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी हुई थी। उसे इस हालत में देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजनों ने समय गंवाए बिना उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
परिजन गंभीर रूप से घायल प्रिया को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
जिस बेटी की शादी की तैयारियों में परिवार जुटा हुआ था, उसकी अचानक मौत की खबर से घर का माहौल पूरी तरह बदल गया। रिश्तेदारों और गांव के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे भी परिवार के पास पहुंचे।
मार्च में होने वाली थी शादी
प्रिया की जिंदगी में आने वाले कुछ महीने बेहद खास होने वाले थे। उसके पिता कृष्ण बहादुर सिंह के अनुसार, बेटी की शादी अगले वर्ष मार्च में तय थी। इससे पहले अक्टूबर में गोद भराई की रस्म होनी थी। परिवार इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उत्साहित था।
घर में शादी को लेकर धीरे-धीरे तैयारियां आगे बढ़ रही थीं। रिश्तेदारों के बीच भी आने वाले कार्यक्रम को लेकर चर्चा थी। लेकिन गुरुवार रात हुए हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।
बेटी की मौत के बाद माता-पिता और भाई सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।
12वीं तक की थी पढ़ाई
प्रिया के पिता कृष्ण बहादुर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर पर रहकर परिवार के कामों में सहयोग करती थी। वह अपनी मां के साथ घरेलू कामकाज में हाथ बंटाती थी।
परिवार के मुताबिक प्रिया घरेलू जिम्मेदारियों को संभालने में मां की मदद करती थी। शादी तय होने के बाद परिवार उसके भविष्य को लेकर नई योजनाएं बना रहा था। अक्टूबर में होने वाली रस्म के बाद शादी की तैयारियों को और तेज किया जाना था।
उसकी अचानक मौत से परिवार को गहरा आघात लगा है। बेटी को विदा करने की तैयारी कर रहे माता-पिता के सामने अब उसका अंतिम संस्कार करने की स्थिति आ गई।
कैसे गिरी छत से, स्थिति स्पष्ट नहीं
प्रिया देर रात छत से कैसे गिरी, इसे लेकर विस्तृत परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह छत पर सो रही थी और रात में किसी समय नीचे गिर गई। घटना के समय परिवार के लोगों को इसकी भनक नहीं लगी।
संभावना है कि रात के अंधेरे में वह किसी कारण से उठी हो और इसी दौरान हादसा हुआ हो, हालांकि इसके संबंध में कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छत से नीचे गिरने के कारण प्रिया के सिर पर गंभीर चोट आई थी। परिवार के लोगों को जब वह मिली तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके।
गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर फैलते ही ग्राम अछरामऊ में शोक का माहौल बन गया। परिवार के परिचित और आसपास के लोग घटना की जानकारी मिलने पर घर पहुंचे। शादी से कुछ महीने पहले हुई युवती की मौत ने गांव के लोगों को भी झकझोर दिया।
परिवार में जिन रिश्तेदारों को अक्टूबर में होने वाली गोद भराई और मार्च की शादी में शामिल होना था, उन्हें अब प्रिया की मौत की खबर मिली। खुशियों वाले घर में अचानक मातम छा जाने से हर कोई स्तब्ध है।
छत पर सोते समय सावधानी जरूरी
ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में गर्मी तथा उमस के मौसम में घरों की छत पर सोना आम बात है। हालांकि छत पर पर्याप्त ऊंचाई की रेलिंग या सुरक्षा दीवार नहीं होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात में नींद से अचानक उठने, अंधेरा होने या पैर फिसलने जैसी स्थिति गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
ऐसे में छत पर सोते समय किनारों से पर्याप्त दूरी रखना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और अन्य सदस्यों के लिए सुरक्षित स्थान पर बिस्तर लगाने तथा छत की चारदीवारी की स्थिति पर ध्यान देने से दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
प्रिया के मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह किन परिस्थितियों में छत से गिरी। इसलिए हादसे के कारण को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
प्रिया की मौत ने कृष्ण बहादुर सिंह के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ ही महीनों बाद जिस घर में बेटी की शादी की शहनाई बजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। अक्टूबर में गोद भराई की रस्म और अगले वर्ष मार्च में शादी को लेकर परिवार की तैयारियां चल रही थीं।
फिलहाल घटना के बाद परिवार और गांव के लोग शोक में हैं। गुरुवार रात छत पर सोने गई प्रिया का मकान के पास सड़क पर घायल अवस्था में मिलना और अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत की पुष्टि होना परिवार के लिए बड़ा सदमा बन गया। हादसे ने कुछ ही पलों में शादी की तैयारियों में जुटे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।





